Member-in-spotlight: Neeraj Guru

Member-in-spotlight is a monthly phenomenon to commemorate a p4poetry member for posting quality poems, commenting and rating regularly, maintaining net etiquette, actively participating in contests , forwarding suggestions and in general for keeping up the passion for poetry!

मेरा जन्म इंदौर में 29 दिसम्बर 1964 को आदि गौड़ ब्राहमण परिवार में हुआ, घर में प्रारम्भ से ही साहित्यिक वातावरण था. मेरे ताउजी स्व.श्री जगदीश गुरु सुप्रतिष्ठित साहित्यकार एवं पत्रकार रहे,मेरे बड़े मामा श्री सुरेश शर्मा भी हिन्दी कहानी के एक बड़े हस्ताक्षर हैं.मेरे फूफाजी श्री बद्री प्रसाद जैमन हिन्दी-बुन्देली कविता के प्रसिद्ध कवि हैं. अत; कह सकता हूँ की मेरा जन्म ही साहित्य की गोद में हुआ है.
शिक्षा के सन्दर्भ में मैंने M.Sc. (Chemestry),M.A.(Ploitical Science),Diploma in Hotal Management,B.Ed. एवं अब MBA कर रहा हूँ.यह सब औपचारिक शिक्षा है, इसके अलावा जिन मूर्ध्यन्य विद्वानों ने मुझे साहित्य और कला के गुर सिखाये,मुझे मांजा, मुझे शिक्षित किया दरअसल वही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है - मेरी सबसे बड़ी शिक्षा है.मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य है.

How long have you been writing? When did you write your 1st poem? Which one was your 1st poem?

करीब 26-27 साल हो गए हैं कविता लिखते हुए पर सच कहूं तो अभी भी ठीक से लिखना नहीं आ पाया है. अभी भी लिखना ही सीख रहा हूँ.दरअसल मेरी शुरुआत कहानी-लेखन से हुई थी और बारह वर्ष की उम्र में पहली कहानी लिखी थी. वह कहानी न केवल प्रकाशित हुई वरन पुरुस्कृत भी हुई.पहली कविता मैंने 17 की उम्र में एक सांस्कृतिक संस्था की कविता प्रतियोगिता के लिए लिखी थी, वह कविता थी ” भविष्य और अँधेरा “, इसे प्रथम पुरूस्कार मिला,पर मैं 18 साल से कम का था तो इसे प्रतियोगिता से हटा लिया गया.बबाद में मेरे विरोध करने पर इसे एक अलग केटेगरी बनाकर पुरुस्कृत किया गया.इस तरह यह मेरी पहली लिखी और प्रकाशित कविता थी.हाँ, तब तक मेरी पहचान एक कहानीकार के रूप में स्थापित हो ही चुकी थी.

How would you describe your poetry style?

This is difficult question to answering. शुरुआत में मैंने महादेवी वर्मा, निराला,बच्चन की शैली को अपनाया फिर अज्ञेय ( अज्ञेयजी की मृत्यु के २०-२५ दिन पहले ही मुझे उनके साथ एक पूरा दिन बिताने का सौभाग्य मिला था) और अमृता प्रीतम को पढ़ने के बाद लगा की मुझे अपनी शैली में परिवर्तन करना चाहिए. बाद में उस्तादों ने सिखाया की शैली से ज़्यादा महत्वपूर्ण है भाव और कविता की लय, शैली तो अपने आप ही विकसित हो जायेगी.बस तब से कविता कविता की तरह ही लिख रहा हूँ, शैली क्या है , यह पता नहीं. आप पढ़ रहें हैं, आप लोग ही बताएं.

What do you think is the relevance of poetry in today’s world?

off course it is.कविता की प्रासंगगिता हमेशा से ही रही है.हमारी संस्कृति तो पूरी काव्यमय ही रही है.हमारे सभी धार्मिक-आध्यात्मिक ग्रन्थ काव्य ही है.इसी तरह कविता ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है. सारी मानव क्रांतियाँ कविताओं से ही शुरू हुई हैं और फिर स्वतंत्रता के तराने भी कविता में ही रचे गए हैं.हम कह सकते हैं की कविता ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है,कर रही है और करती रहेगी.p4poetry पर और हो क्या रहा है.हम अपनी रचनाएं विश्व-पटल पर ही तो रख रहें हैं.

What is the force of poetry in your life? Why do you write?

क्या कहूं,कभी-कभी आपके पास ठीक-ठीक शब्द नहीं होते हैं कहने के लिए, यह प्रश्न ऐसा ही है.मेरे अन्तर्तम में ही कुछ है जो मुझे कला और साहित्य की और मोड़ता रहता है.कविता अंदर से मचलती रहती है और शब्द-रूपक बनकर क़ाग़ज़ो पर उतर आती है. क्यों लिखता हूँ, शायद मेरी साँसों का आधार यही है.

Who are your favorite poets? Your favourite poems?

एक लम्बी सूची है या कहूँ की हर स्थापित कवि को पढ़ा है.मैं चूँकि हिन्दी भाषा से हूँ तो हिन्दी - उर्दू के अलावा हिन्दी में अनुदित हर भाषा के रचनाकार को पढ़ा है.हर काल-खंड के कवि ने प्रभावित किया है. अमीर खुसरो से लेकर p4poetry तक की कविताओं के कवि मेरी पसंदीदा कविओं की सूची में हैं.मैं बिना किसी पूर्वाग्रह के हर अच्छी रचना के रचनाकार का प्रशंसक रहा हूँ .हाँ पाश्चात्य कविओं को कम पढ़ा है.

Where do you find your inspirations?

प्रेम, नि:संदेह प्रेम.यह प्यार ही है जिसने मुझे जीवन के हर पहलु से परिचित कराया है और यही पहलु हर पल मुझे जीने और लिखने के लिए प्रेरणा देते रहते हैं. मेरी हर कविता - हर कहानी में यही अनुभव शब्द रूप में चित्रित हें हैं. चार पंक्तियाँ पेश हैं -
मेरी लघुता में तुम,
मेरी विराटता में तुम,
तुम ही हो प्रथम स्वर मेरा,
हो साध भी तुम मेरी.
Any other passion/hobby?

पढ़ना,खूब पढ़ना. भारत-भ्रमण करना, trecking,photography,astrology and astronomy,ड्रामा,म्यूजिक और वह सब जिससे मुझे और मेरे सब लोगों को खुशी मिले.

Would you like to pen down your experience about P4poetry?

p4poetry ने मेरे लिए जो सबसे बड़ा काम किया है वह है मुझे फिर से प्रकाशन की और ले जाना. बीच में कुछ कारणों से मैंने अपनी रचनाएँ प्रकाशन के लिए भेजना बंद कर दी थीं.मेरा मित्र उत्पल जो आज हिन्दी कविता का एक सुस्थापित नाम है और मुझसे कहीं-कहीं ज़्यादा बेहतर लिखता है,मुझे इस बात के लिए जब-तब गालियाँ बका करता था की तुमने अपने आप को कुड़ेदान में डाल दिया है.इसीलिए जब मैंने p4poetry के विषय में पढ़ा तो प्रारम्भ में मैंने बिना किसी गंभीरता के इस पर कविता प्रकाशित करना शुरू की, पर जब इस पर मेरी कविताओं पर जो प्रतिक्रियाँ मुझे मिली उसने मुझे एक नई उर्जा से सराबोर कर दिया.इसने मुझे नई पहचान दी, नए मित्र दिए,कविता का एक नया संसार दिया.इसके लिए मैं सभी कवियों और admin का अपने अंतरतम से धन्यवाद् देता हूँ.p4poetry के सबसे युवा कवि श्री विश्वनंदजी से मुझे पुणे में मिलने का सौभाग्य भी मिला.आज यह क्षितिज अपना-सा लगता है.

Who are your influences when writing?

वह सभी लोग - घटनाएँ - परस्थितियाँ जिनके प्रभाव में भाव कविता में ढल जाए……और हाँ वो प्यार भी….!

What advice do you have for young poets?

जितना अधिक साहित्यिक अध्ययन होगा उतना ही बेहतर लेखन भी होगा.जीवन में अनुभव सबसे कीमती होते हैं उन्हें आप एक कविता के मध्यम से आप सबके साथ बाँट सकते हैं. इसके लिए मैंने forum पर “क्या लिखा जाए…” शीर्षक से एक tag लिखा है. p4poetry के युवा कवि उसे पढ़ सकते हैं.