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‘ शब्दों का संसार ‘

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Hindi Poetry

शब्दों का अनोखा संसार
शब्दों का ये खेल है,
कुछ सुलझे, कुछ उलझे हुए
अक्षरों का ये मेल है।
दिमाग से उपजे ये शब्द
तो लेख बन जाते हैं,
दिल से निकले मन के भाव
तो कविता बन जाते हैं,
तीखे हो तेवर किसी के
तो कटाक्ष बन जाते हैं,
मन हो गर प्रफुल्लित
तो हास्य-व्यंग्य बन जाते हैं,
कभी जीवन जीना सिखाते हैं ये शब्द,
कभी कवि की कल्पना को
साकार करते हैं ये शब्द,
चाहे खुशी हो या हो चाहे ग़म
इसका अहसास कराते हैं ये शब्द,
सात सुरों की सरगम गर मिल जाए
तो मधुर संगीत बन जाते हैं ये शब्द।

– सोनल पंवार

3 Comments

  1. kusum says:

    Words can be powerful like gun shots or knife thrusts .
    Words can be soft and soothing like a mother’s caress or a lover’s sweet glance.
    Kusum

  2. kusum says:

    Very well expressed with the best use of words.

  3. Vishvnand says:

    Lovely poem. commends..!

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