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सोच लेना किसलिए

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Hindi Poetry, SMS Poetry

हम जिये क्यो या मरे क्यो ?

सोच लेना किसलिए

आदमी है आदमी की

खुश नसीबी के लिए

जख्म है सीने के लिए

और दर्द है पीने के लिए

एक भरोसा ही बहुत है

जिंदगी जीने के लिए

है अंधेरे तो उजाले

रोशनी टिम टिम दिए

आ गई है अब गरीबी

है अमीरी इसलिए

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