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प्रेम …

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Hindi Poetry

प्रेम …

अनुपम आभास की
अदृश्य शक्ति का
चिर जीवित
अहसास है
प्रेम//

मौन बंधनों से
उन्मुक्त उन्माद की
अनबुझ प्यास है
प्रेम//

संवादहीन शब्दों की
अव्यक्त अभिव्यक्ति
का असीमित
उल्लास है
प्रेम//

निःशब्द शब्दों को
भावों की लहरों पर
मुखरित करने का
आधार है
प्रेम//

अपूर्णता को
पूर्णता में परिवर्तित कर
अंतस को
मधु शृंगार से सृजित कर
प्रेमासक्ति की अभिव्यक्ति का
अनुपम उपहार है
प्रेम//

सुशील सरना

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