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तेरी कहानी का तू सिकंदर है।।

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जब चारों ओर कीचड़ दिखा, असमंजस तेरे अंदर है।
नादान बला, आईना वो नहीं, तेरी रूह तो कमल सी सुंदर है।।

दिखा हर तरफ एक धुआँ तुझे, कहीं आग लगी भयंकर है।
जग छान लिया, कुछ मिला नहीं, मुई आग वो तेरे अंदर है।।

मत बुझा उसे, वो भड़कने दे, जैसे आग का समुन्दर है।
अपनी ज़िन्दगी बेफिक्र तू लिख, तेरी कहानी का तू सिकंदर है।।

गर हुआ सामना क़ातिल से, और पड़ते दिल पे खंजर हैं।
कोई रोक सके तो रोके ज़रा, तू भी क्या कम बवंडर है !!

2 Comments

  1. Shanti says:

    Very nice. What an uplifting poem. ‘Tairee kahani ka toon sikander hai’.
    I love upbeat, uplifting, positive and inspirational poetry for my countrys brothers & sisters.
    Self build and self confidence is the secret for all of us.

    • Komal Nirala says:

      Thank you so much Shantiji for such a nice appreciation. A person already possesses the power to achieve what he wants, he just needs to believe that he can. 🙂

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