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Hindi Poetry

सुर्ख आरिज़ों पे ….

सुर्ख आरिज़ों पे गुलाब रखते हैं
वो चिलमनों में .शराब रखते हैं
ले न ले कोई नज़र बोसा उनका
छुपाके ज़ुल्फ़ों में शबाब रखते हैं

@सुशील सरना

سرخ آرزوں پی ….

سرخ آرزوں پی گلاب رکھتے ہیں
وو چلمنوں میں شراب رکھتے ہیں
لے ن لے کوئی نظر بوسہ انکا
چھپکے زلفوں میں شباب رکھتے ہیں

سوشل سرنا

(उर्दू लिपि मुझे नहीं आती -इसे गूगल टूल से टंकित किया है -कोई त्रुटि हो तो क्षमा करें )

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