« »

आप की हर अदा निराली है

0 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

आप की हर अदा निराली है
ख़ू ही जैसे जफ़ा बना ली है

काश इतना ख़याल तो रखते
बाइसे दर्द बेख़याली है

ज़िन्दगी कट गई कमाने में
हाथ ख़ाली था, हाथ ख़ाली है

बाँटते बाँटते गये मिट हम
जिसको देखो वही सवाली है

कट रही डाल वो सुना हमने
जिसपे बुनियादे नीड़ डाली है

Leave a Reply