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“बस ये उदासियाँ “

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An expression of the comparison
with those whom i see everyday
living by railway track side…

अपने नसीब में
बस ये उदासियाँ
हमको तो झुला
रही हैं ये फाँसियाँ

हैं वो बद-नसीब
रहते गंदे घरों में
हम अपने हाल पे
लेते जाते उबासियाँ

वो टी.बी. निमोनिया
दमा हैजा में मर खपें
हमको जिला रहीं आहें
सुड़-सुड़ छींकें ख़ाँसियाँ

अपने नसीब में
बस ये उदासियाँ

…every day i observe & feel sad
for the humanity living in
such pathetic conditions…

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