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चलो चेहरा बदल कर देखते हैं

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Hindi Poetry

चलो चेहरा बदल कर देखते हैं
तुम्हारे साथ चल कर देखते हैं

पहेली है जटिल ये जिन्दगानी
तो इसको आज हल कर देखते हैं

पलट कर वो नहीं देखे सुना है
चलो आगे निकल कर देखते हैं

नहीं दीदार है आसान उसका
सभी बेहद सँभल कर देखते हैं

पसन्द उसको सुना पत्थर बदन हैं
सो खुद को नारियल कर देखते हैं

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