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उठी जो बात सरे बज़्म बेवफ़ाई की

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Hindi Poetry

उठी जो बात सरे बज़्म बेवफ़ाई की
मिसाल देने लगे अपनी पारसाई की

वो आईने को लगे ख़ुद भला बुरा कहने
जो काटने को चले थे जड़ें बुराई की

बस अपने हक़ की हिफ़ाज़त मे हो गये मसरूफ
जो मांग करते रहे सबसे फ़र्ज़ अदाई की

One Comment

  1. Vishvnand says:

    Bahut badhiyaa kataaksh …!
    Commends…1

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