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अक्षर-अक्षर जोड़ लिखा है….

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Hindi Poetry

अक्षरअक्षर जोड़ लिखा है,
पर शब्दों को तोड़ लिखा है।

भूल गया हूँ लेखन- वेखन ,
मन का एक मरोड़ लिखा है।

जब भी वक्त मिले पढ़ लेना,
मुझसे मुँह मत मोड़ लिखा है।

लगता है अपनी किस्मत में,
गम से ही गठजोड़ लिखा है।

खुशियों के पिछवाड़े देखो,
मेरा पीछा छोड़ लिखा है।

मन्नत पूरी किस-किस की हो,
आये लाख करोड़ लिखा है।

**हरीश**चन्द्र**लोहुमी**
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3 Comments

  1. anil dhakre says:

    मन का एक मरोड़ लिखा है।
    बहुत अच्छे से शब्दो को पिरोया है बहुत सुंदर !

  2. sushil sarna says:

    man ke antrdwand ka sundr chitran…..haardik badhaaee Harish jee

  3. nitin_shukla14 says:

    Harish Ji bahut khoob as usual

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