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सहते रहे दर्द ……

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Hindi Poetry

सहते रहे दर्द ……

पूछो ज़रा चाँद से .क्यों रात भर हम सोये नहीं
यूँ बहुत सताया याद ने .फिर भी हम रोये नहीं
सबा भी ग़मगीन हो गयी तन्हा हमको देख के
सहते रहे दर्द अश्क से ज़ख्म हम ने धोये नहीं

सुशील सरना

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