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गिफ़्ट हैंपर सी ज़िन्दगी ठहरी

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Hindi Poetry


गिफ़्ट हैंपर सी ज़िन्दगी ठहरी
रंगारंग वर्क़ में धरी ठहरी

जान के चाँद था लिया जिसको
सिर्फ चमकीली तश्तरी ठहरी

जिसकी हसरत ने बेक़रार रखा
ख़्वाब ही वो हसीं परी ठहरी

बैठ उड़ना था जिसपे वो कालीन
एक मामूली सी दरी ठहरी

चख के जिसको कि जी हुआ खट्टा
ऐसी रंगीन रसभरी ठहरी

जिनकी ज़िंदादिली के चर्चे थे
रूह उनकी तो अधमरी ठहरी

कुछ न होना हवाना है इससे
शायरी सिर्फ शायरी ठहरी

पेड़ अंदर से खुश्क़ था पाया
शाख जिसकी हरी भरी ठहरी

One Comment

  1. Vishvnand says:

    Bahut Badhiya …!

    jis nashe me gift saa jeevan jeenaa chaahaa
    jindagii kahaan vaisee jaam bharii deevangii thaharii ….!

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