« »

जो उसके दिल में निहां है वही सदा हूँ मैं

0 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

अगरचे हाल ज़माने का जानता हूँ मैं
पे फिर भी प्यार का जोख़िम उठा रहा हूँ मैं
उसे खबर ही नहीं क्या है अपनी मज़बूरी
उसे गुमान यही है कि बेवफ़ा हूँ मैं
कभी सुकून से बैठे तो वो सके सुन भी
जो उसके दिल में निहां है वही सदा हूँ मैं
कहाँ कहाँ न तलाशा है ख़ुद को जा जा कर
तवील अर्सा गया है कि गुमशुदा हूँ मैं
तू मेरे हाल पे हँसता है कुछ ख़बर भी है
तेरे निजाम पे पुरतंज़ तब्सरा हूँ मैं
हरेक दिल में है मौजूद बोलना है मुहाल
भटक रही है लबों पर जो वो दुआ हूँ मैं

Leave a Reply