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सुबह की मुस्कान है

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Hindi Poetry, Uncategorized

खुद को तोलो फिर कुछ बोलो
मन अमृत है विष मत घोलो
जीवन तो वरदान है

चन्दा तारा यह जग प्यारा
जीवन सारा तू खुद हारा
क्यों करता विषपान है?

भाव रंगीले नीले पीले
चिंतन का वट तट रेतीले
करता क्यों अभिमान है ?

पल पल हर पल
कल छल कल छल
चंचल मन अविराम है

टिम टिम टिम टिम तारे टिम टिम
रिम -झिम रिम झिम
बारिश रिम झिम
कर लेना रस पान है

शाम सुनहरी राते गहरी
दिन गुजरे और उषा ठहरी
सुबह की मुस्कान है

One Comment

  1. Gert says:

    Hi,I recall seeing on the internet a couple of years ago a strange picture of Bret Boone, nearly naked in some kind of angel costume. I didn’t take the time to try and figure out what this was all about, but I’m interested in doing so now. Do you have any idea what he was doing, and wh3.a#82e0;n.&nd how I can access that picture again.Thanks!

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