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***किन नयनों की रंगत से …***

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Hindi Poetry
किन नयनों की रंगत से …

किन नयनों की रंगत से रंग जाम का रंगीं हो गया

….ये शाम भी रंगीं हो गयी आसमान भी रंगीं हो गया

……..कुछ बहके बहके हम हुए .कुछ बहका ईमां हो गया

…………..देखा जो बेहिजाब उन्हें .दिल का ईमां रंगीं हो गया

सुशील सरना

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