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याद गाँव की

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Hindi Poetry

याद गाँव की

जब कभी ख़यालों में

आता है गाँव ।

तो याद आती है

वो पीपल की छाँव ।

और वह कौवा की कांव

मेहमान के आने की

पूर्व सूचना देती हुई,

अचानक-

आहट किसी के पाँव की

बहुत सताती है याद गाँव की । 

2 Comments

  1. ravi says:

    bahut khoob

  2. Prem Kumar Shriwastav says:

    Sundar Kavita.

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