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कौन हमेशा रह सका बना यहाँ सिरमौर

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Hindi Poetry

ज़ुल्मों का कोशिश रखें रहे न ज़ारी दौर
रखें सोच हालात हों साज़गार किस तौर

दौलत आप कमाइए लेकिन रखिये ध्यान
हासिल सबके वास्ते हो पाएं दो कौर

दिल में बसते आप हैं कैसे उठे सवाल
समा सके इसमें कोई सिवा आप के और

भली तरक्क़ी मैं सकूँ तभी शहर की मान
पा जो सके गरीब भी इसमें अपना ठौर

वक़्त न रहता एक सा सदा,जाइये चेत
कौन हमेशा रह सका बना यहाँ सिरमौर

बंद कभी तो कीजिये अपनी चीख पुकार
अहम् मसाइल पर ज़रा कर पाएं सब ग़ौर

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    Bahut khuub aur badhiyaa …!

    kaise sudharenge bhalaa ajab chalaa hai daur
    sab apane mein hi lage dikhe n koii aur …!

  2. s n singh says:

    shukriya

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