« »

दिल भरा नहीं, कभी रुका नहीं …….! (Geet)

0 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry, Podcast

A situational love song in Hindi which had got written, composed and set to tune in late 70′s for an office party. Am very pleased to post here with it’s new podcast sung in the tune in which the song had emerged….

दिल भरा नहीं, कभी रुका नहीं …….!

गाते गाते गुन तेरे, दिल मेरा, कभी रुका नहीं,
देते देते प्यार तुझे, दिल मेरा, कभी भरा नहीं….!

ये कैसी उलझन है, ये कैसा शिकवा है,
हर इंसान को क्या प्यार में ये सहना पङता है,
या प्यार मेरा ही, कुछ अलग अलग सा है,
जिस प्यार को, ना प्यार में, कुछ प्यार मिलता है…!

गाते गाते गुन तेरे, दिल मेरा, कभी रुका नहीं,
देते देते प्यार तुझे, दिल मेरा, कभी भरा नहीं …….!

तेरी हर बानी में, मीठी सी सरगम है,
तेरी कजरी आखों मे, जादू भी कितना है,
जिसे देखले तू, उसे तेरे सिवा दूजा क्या सूझा है,
तुझे कदर नहीं कुछ मेरी, फिर भी दिल ये तेरा है …!

गाते गाते गुन तेरे, दिल मेरा, कभी रुका नहीं,
देते देते प्यार तुझे, दिल मेरा, कभी भरा नहीं…….!

कभी पास आयेगी, कभी मुझको बुलाएगी,
कभी प्यार से आकर, तू मेरा हाल तो पूछेगी,
बेकार की आशा है, ये कैसी निराशा है,
या प्यार की, मेरे यारों, क्या ऐसी ही भाषा है,
या प्यार मेरा ही, कुछ अलग अजब सा है,
जिस प्यार को, ना प्यार में, कुछ प्यार मिलता है !

गाते गाते गुन तेरे, दिल मेरा, कभी रुका नहीं,
देते देते प्यार तुझे, दिल मेरा, कभी भरा नहीं …….!
दिल भरा नहीं, कभी रुका नहीं …!

” विश्व नन्द “

Leave a Reply