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आ,कर मत टालमटोल बडी !

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Hindi Poetry

हौले हौले दृग खोल बडी !
ले कीन हमें बिन मोल बडी !
दिल दीद को तेरी पागल है,
आ,कर मत टालमटोल बडी !
है वक़्त अभी जा सँभल ,न कल
हो जाए डब्बा गोल बडी !
कर दूर जान लेवा ठहरा-
वादों का तेरे झोल बडी !
तुझ बिन जीना दुश्वार हुआ,
हालत है डांवाडोल बडी !
वैसा कुछ दिखा शहर में क्या,
जैसा पिटता था ढोल बडी !
जनता से चले ना चतुराई
जाने सब तेरे पोल बडी !
मोबाइल क्या गहना कोई,
दो बोल तो इसमें बोल बडी !
तेरे कारण ये हाल हुआ,
तू तो कह मत बकलोल बडी !
आ मिल लें, सदा सुहाना यूँ,
रहना क्या है माहौल बडी !
अच्छा न आशिक़ों से पंगा
खून उनका जाय न खौल बडी !
कड़कों सड़कों से दूर रहो,
यां लगता पग पग टोल बडी !
अपने जीवन के प्रहसन में,
तेरा हीरो का रोल बडी !
सब धान पसेरी बाइस में
नासमझ न ऐसे तोल बडी !
तेरी गलियों के फेरों से ,
घिस घिस चप्पल बेसोल बडी!
meaning-बडी-buddy,dost

4 Comments

  1. Vishvnand says:

    Badhiyaa; Mazaa aayaa
    Mohak ye rachanaa nakhariill
    dil me karatii kallol badii ….! 🙂

  2. Narayan Singh Chouhan says:

    bhut khub

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