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है पी पी के जीना, सदा पीते रहना ….! (भक्तिगीत)

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Hindi Poetry, Podcast

 

है पी पी के जीना, सदा पीते रहना ….! (भक्तिगीत)

किसने कहा है कि ना पी के जीना
ये पीना ही ऐसा जो है इक नगीना …!

है पी पी  के जीना, सदा पीते रहना
दुःख दुर्गुणों से है पीछा छुड़ाना …!

सुन्दर सा जीवन जो अपना बनाना
दवा के लिए कुछ नहीं दूर जाना ….!

हरि नाम जप ही है ऐसा नगीना
यही तो है अमृत जिसे पीते रहना ….!

रहो पीते अमृत ये हर हाल में तुम
कहोगे खुद ही से, बहुत सुख है जीना ….!

अरे पी ले पी ले पी ले पी ले
हरि नाम का प्याला ….!
इसको पी कर और पिला कर
बन जा तू मतवाला ….!

” विश्व नंद “

3 Comments

  1. kusum says:

    Sounds like a Sufi song.
    Recalls the whirling dance of Sufi Derveshis in a trance.
    Kusum

  2. sushil sarna says:

    bahkti ras kee khoobsoorat prastuti aur uspr aapkee makhmalee aawaaz…bahut khoob….haardik badhaaee SIR

  3. dr.paliwal says:

    Bahut Khoob sirji…
    Man ko sukh, shanti pahunchati sundar bhakti rachna sirji….

    Anoop Jalota ji ka bhajan yaad aa gaya…

    Hari naam ka pyala aur,
    hare krishn ki hala
    aisi hala pi pi karke
    chala chale matwala……

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