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हे प्रभु, तू ही मेरा आधार …….! (भक्तिगीत)

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Hindi Poetry, Podcast

हे प्रभु, तू ही मेरा आधार …! (भक्तिगीत)

मेरे जीवन का हर इक पल,
तेरा ही अधिकार,
कर ले तू स्वीकार,
हे प्रभु, तू ही मेरा आधार……!

नाम तेरा मन मन जपता हूँ,
ज्ञान तुम्हीसे ही पाता हूँ,
काज तेरे करता रहता हूँ ,
दान तेरा पा खुश रहता हूँ ,
जो लेता तेरा लेता हूँ ,
जो देता तेरा देता हूँ
कृपा तेरी हो, जीवन मेरा,
हो तुझको उपहार,
तू ही मेरा आधार …!

प्यार तेरा, मेरा अमृत है,
जो भी तू दे, सब स्वीकृत है,
इसीलिये दुःख कठिनाई में,
मन ना माने हार,
तू ही सँवारे भार,
तू ही मेरा आधार …!

भावभक्ति से जीवन जागूँ,
नित्य तेरे भजन गुन गाऊं,
नाम भक्ति में खोता जाऊं
चरणों तेरे मोक्ष मैं पाऊँ,
मन की यही कामना मेरी,
कर दे तू साकार,
तू ही मेरा आधार…!

मेरे जीवन का हरइक पल,
तेरा ही अधिकार,
कर ले तू स्वीकार,
हे प्रभु, तू ही मेरा आधार…!

” विश्व नन्द “

4 Comments

  1. sushil sarna says:

    aupm bhakti ras kee byaar….saral shabdaavalee se bhakti shringaar …wah bahut khoob …haardik badhaaee SIR is madhur prastuti ke liye

  2. abhinav says:

    बहुत खूब विश्वानंद जी, आधार कि जरूरत तो सभी को होती है और आपने तो सबसे बेहतरीन आधार चुना .

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