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होंगे तब रोशन यहाँ , रिश्तों से अंधकार

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दोहे :- दीपावली परdeer1

दीपों से जगमग हुआ, सारा ये संसार
धरा से तम मिटाने का , आया ये त्यौहार

पधारो घर माँ लक्ष्मी, संग पधारो गणेश
पूरी हो कामनाऐं , मिटें सारे कलेश

महालक्ष्मी आन बसो ,निर्धन के घर आज
धन वैभव के बिना अब , होत न पूरे काज

फूलझडियाँ खुशियों की , उमंग के फोडें बम
हर मन मे हो रोशनी , मिटे जीवन से तम

होंगे तब रोशन यहाँ , रिश्तों से अंधकार
अना जलाऐं दीप मे , बांटे सब मे प्यार
सुरS

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