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प्यार ने तेरे मुझे सिखाया ….! (Geet)

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Hindi Poetry, Podcast

प्यार ने तेरे मुझे सिखाया ….!

तुझसे प्यार करता था,
तुझसे प्यार करता हूँ
प्यार मेरा तुम भूल भी जाओ,
नही मगर अब डरता हूँ …

प्यार ने तेरे मुझे सिखाया,
प्यार जहाँ से भी करना.
हरदम अपने प्यार के खातिर
काम बड़े करते रहना,
काम भले करते रहना …

तुझसे प्यार करता था,
तुझसे प्यार करता हूँ
प्यार मेरा तुम भूल भी जाओ,
नही मगर अब डरता हूँ …

दिल तो अब है ये तेरा,
तेरे सुख में सुख मेरा,
तुने पुकारा “प्यार” मुझे .
मेरे दिल ने सब पाया

तुझसे प्यार करता था,
तुझसे प्यार करता हूँ
प्यार मेरा तुम भूल भी जाओ,
नही मगर अब डरता हूँ …

गम तो नही अब मुझे है इसका,
तू मेरी गर हो न सके.
शायद किसी और की होकर
दुनिया में तू सुखी रहे,
सपनों की महफिल से मेरी,
तुझे कोई ना छीन सके,
प्यार मेरा ना छीन सके ….

तुझसे प्यार करता था,
तुझसे प्यार करता हूँ
प्यार मेरा तुम भूल भी जाओ,
नही मगर अब डरता हूँ …

    “विश्व नन्द”

4 Comments

  1. sushil sarna says:

    तुझसे प्यार करता था,
    तुझसे प्यार करता हूँ
    प्यार मेरा तुम भूल भी जाओ,
    नही मगर अब डरता हूँ ……..waaaaaaaaaah kitna sundr smarpan hai…pyar ho to aisa…is sundr srijan ke liye haardik badhaaee SIR jee

  2. s n singh says:

    achchhi lagi

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