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“ज़माने बदल गये…”

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Hindi Poetry, Uncategorized

देखते ही देखते नज़ारे बदल गये…
आसमाँ के सारे सितारे बदल गये…
सागर है वही, किनारे बदल गये…
रखते थे जिनके कंधों पर सिर…
अब वो सहारे बदल गये…

पराए हुए अपने, और हमारे बदल गये…
चेहरा पढ़ते-पढ़ते चेहरे बदल गये…
शतरंज के हमारे मोहरे बदल गये…
बुझाते थे प्यास जिससे वो पानी बदल गये…

पूरे होते-होते सपने बदल गये…
बेवकूफ़ तो बदले, सयाने बदल गये…
और कुछ चंद पैसे कमाने बदल गये…
लगता है अब तो हमारे ज़माने बदल गये…

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    Rachanaa aur abhivyakti bahut man bhaayii
    Hardik Badhaaii
    Kaii saalon se is achche se satraj ke khel me hamane Vazeer aur Queen ke haathon power kya de dii saare khel ke niyam hii badal gaye, Lobh ne inko itanaa phansaayaa ki ye aur inke saare mohare bhrsht keechad me phisal gaye….. !! 🙂

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