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व्यंग कविता: पेंशन की टेंशन

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पेंशन के पेड़ को सींचा अंशदान से
फल मिलेंगे मीठे इसी अरमान से

सेवानिवृत्ति के बाद मिलेगी हमको पेंशन
तब भी होंगे आत्मनिर्भर, फिर कैसी टेंशन

बुढ़ापे मे भी न रहेगी कोई तंगी
पास पैसा तो तबियत भी चंगी

बेटा रखेगा सदा हमे अपने पास
परिवार मे बने रहेंगे तब भी खास

हो जायेंगे बृद्धआश्रम भी खाली
अपनों संग मनेगी होली दीवाली

बुजुर्ग न होंगे बोझ, न होंगे बेसहारा
पेंशन लगायेगी जीवन नैया किनारा

सुनहरे भविष्य के सपने ये हो गये तार तार
शेयर बाज़ार हवाले करेगी पेंशन ये सरकार

अब आपके सपने भी बाज़ार पर होंगे निर्भर
हर दिन शेयर की चिंता, जीवन कर देगी दूभर

घौटालों के देश मे हर पल चिंता यही हमे सताऐगी
जाने कब अखबार मे पेंशन घौटाले की खबर आ जाऐगी
सुरS

4 Comments

  1. SN says:

    pension share sab karen tension kare n koy.
    jo share tension kare tension kaahe hoy.

  2. Vishvnand says:

    Haasy Rachanaa hai magar ye baat arthpoorn aur badii gambhiir hai
    Gotaale par ghotale kare aisee awishvaasii sarkaar se aur kyaa ummeed hai …. 🙂

    Hearty commends….

    • Suresh Rai says:

      lagta hai hamare budape ki kamai se ye budhe apna budapa sudharne ja rahe hai. god save our hard earn money.
      hardik abhinandan sir ji

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