« »

व्यंग कविता :- ” नेताओ का संग, रुपया को भाया “

1 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 5
Loading...
Uncategorized

डालर तो बढ़ रहा,देश मे भ्रष्टाचार की तरह
रुपया गिर रहा, संसद मे शिष्टाचार की तरह

विदेशों मे काला धन हुआ,आचार की तरह
सरकार अभिनय कर रह, लाचार की तरह

बात दूर तक जानी थी, प्रचार की तरह
मन मे ही दब के रह गई,विचार की तरह

नेताओ का संग,रुपया को इतना भाया
गिरने मे ना हिचका, और न ही शर्माया

उन के उठने, सुधरने की उम्मीद हमें नही
हे खुदा, गिरे रुपया को तो उपर उठा सही

सुरS

4 Comments

  1. s n singh says:

    sahi baat hai,khuda kisko oopar uthaye ye usi par chhod den to behtar hai.

  2. Vishvnand says:

    sundar rachanaa, Badhaaii ….
    gire rupiyon ke banaaye gadhdhon me ye netaa dafanaaye jaayenge yahiin
    to phir videshii bankon me inhone chupaaye bhaartiiy dollars kyaa rah jaayenge vahiin ke vahiin…. ! 🙂

  3. Suresh Rai says:

    सहृदय आभार सर जी.

Leave a Reply