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दिन पर दिन यूं बीत गए …..! ( गीत)

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Hindi Poetry, Podcast

इक बेचारा प्रेमी सागर तट पर, चट्टानों पर बैठा अपने प्यार के बारे में सोच रहा है  🙂

दिन पर दिन यूं बीत गए …..!   ( गीत)

लहरें आती हैं झूम  झूम, चट्टानों से प्यार जताने
चट्टानें तो अटल खडीं, ना माने लहरों की बातें …..
कैसे मानूँ मैं तुम मृदु हो, जब तेरा दिल है पत्थर ,
चट्टानों से बढ़कर ….
चट्टानें तो थोड़ी घिस घिस जाती हैं ….
तुझपर तो कुछ असर नहीं होता…….

थक गया हूँ अब प्यार में तेरे, कभी तो करते याद मेरी
दिन पर दिन यूं बीत गए, कभी प्यार से तुमने बुलाया नहीं 
मुझे प्यार से कभी पुकारा नहीं …..

जाने कैसी ये महफिल तेरी, जिसमे दिल की कदर कुछ नहीं
जैसे भँवरे कई हों चमन में , न कली को परख है किसीकी
प्यार मेरा पहचानोगी, ये आशा है बेकार मेरी ….
दिन पर दिन यूं बीत गए, कभी प्यार से तुमने बुलाया नहीं 
मुझे प्यार से कभी पुकारा नहीं …..

मेरा दिल है  न अब दिल  मेरा, तेरे बिन इसे भाता नहीं कुछ
तेरे ख्यालों में खोया ये रहता, तू  चाहे न चाहे इसे कुछ
इसे कुछ तो समझ अब आये, ये भी आशा बेकार मेरी ….
दिन पर दिन यूं बीत गए, कभी प्यार से तुमने बुलाया नहीं 
मुझे प्यार से कभी पुकारा नहीं …..

थक गया हूँ अब प्यार में तेरे, कभी तो करते याद मेरी
दिन पर दिन यूं बीत गए, कभी प्यार से तुमने बुलाया नहीं 
मुझे प्यार से कभी पुकारा नहीं …..

                                                                    ” विश्व नन्द “

4 Comments

  1. kusum gokarn says:

    Which hard rock heart will not melt on listening to this soft tender -touch appeal of a song of deep sincere love?!
    Kusum

    • Vishvnand says:

      Thank you so very much for your kind appreciation of delight.
      It is such responses in sharing that keeps enthusiasm for efforts simmering…!

  2. sushil sarna says:

    mridu aihsaason ka saagar hai ye geet-kuch puraanee yadon ka sangeet hai ye geet-chahta hai todna dil vakt ke gheron ko, mil jaaye lahron men shaayad dil ko uska khoya huaa mn meet

    bhut sundr hridy kee sundr udgaaron ko aapne bkhoobee nahe andaaz men shabd aur svar diye hain-haardik badhaae SIR jee

    • Vishvnand says:

      Bahut bahut shukriyaa
      aapkii is anany poetic pratikriyaa kaa kyaa kahanaa ji, kasam se ….
      Dil baag baag ho gayaa pyaar, khushii aur utsaah se ….!

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