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सावधान…!!!

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Hindi Poetry, Uncategorized

(वैधानिक चेतावनी : कृपया गंभीर रचना की तलाश वाले पाठक इस पर ध्यान ना दें…)Slide 1Goth_Girl_with_Puppy_by_myporcelaintears

पप्पियाँ अपने पपि को देती थीं वो…
हमने माँगी तो थप्पड़ पड़ गया…
गाल ना धोया हफ़्ते भर हमने…
साला तेरे इश्क़ में ही क्यूँ मैं मर गया…

कभी तो मान जाएँगी वो थी मेरी उम्मीद…
पर ना जाने क्यूँ मैं इंतज़ार करते सड़ गया…
तस्वीर जो उनकी चुराई थी फ़ेसबुक से…
बस उसी को देखकर के मैं आहें भर गया…

बापू को तेरे मैं ससुर था मानता…
मन ही मन था मैं तो लड्डू फोड़ता…
तुझ पड़ोसन को दुल्हन बनाते-बनाते रह गया…
जबसे राखी पर है तुमने धागे का दुरुयोग किया…

(सीख : आशिको, मजनुओ, दीवानो, परवानो…सावधान…आगे रक्षाबन्धन है…)

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    Sundar Abhivyakti
    Koii baat nahiin, Hamaare kuch bade leaders rakshaabandhan ko Rikshaabandhan kahate hain
    aur Kaarykram ko kiriyakaram …. 🙂

    • P4PoetryP4Praveen says:

      हाहहाहा…सही कहा…काश कभी भ्रष्ट नेताओं के क्रियाकर्म में जाने का सुअवसर भी मिलता… 🙂

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