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नौ मन तेल ज़मा करना था .

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Hindi Poetry

और अना को क्या करना था 

बस हमको तनहा करना था 
क़द  से हसद हमारे सबको 
या रब कुछ बौना करना था.
 
चला पेड़ वो फ़लक़ चूमने 
जिसे यहाँ साया करना था .
खतरा मान रहे कतरा सब,
खुद को बेचेहरा करना था.
 
वस्ल की शब्,वो भी इत्ती सी,
मालिक़ कुछ लम्बा करना था .
उनकी बातें,उनकी बातें-
आप को हमको क्या करना था.
 
कितना सच कितना अफ़साना,
वाजेह तो इतना करना था .
बहस चली तो सच घबराया 
सबने जो नंगा करना था.
 
भरा सफीने में ही आकर 
पार कि जो दरिया करना था.
 
निकला वही खज़ाना खोटा 
जिसमे से खर्चा करना था .
चाहते हो गर राधा नाचे
नौ मन तेल ज़मा करना था .

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