« »

मोहब्बत अभी बाकी हैं

1 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 5
Loading...
Uncategorized

यह आँखें तूझे आज भी, भीड़ में तलाश करती हैं,
देख हंसी तेरे होठों पर, मेरी धड़कने आवाज़ करती हैं,,
शायद मोहब्बत अभी बाकी हैं, बिन मौसम बरसी उन बारिश की बूंदो में,
वरना भिगोने उनसे आँचल अपना, यह ज़मीन, पूरा सावन इंतज़ार करती हैं!!
सोचा था उडूनगा मैं, हवायों के ज़ोर पर,
जीतूँगा हर दौड़ मैं, तेरा पीछा छोड़ कर,,

हर तरफ शोर होगा, साथ कितने साथी होंगे,
तेरे बिना जाने मेरे, कितने किस्से कहानी होंगे,,

पर मेरी ख्वाइश में ख्वाइश तेरी पूरी हो, यह मेरी हसरतें ख़याल करती हैं,
करवटे बदल-बदल मेरी रातें, बस तूझे ही याद करती हैं,,
शायद मोहब्बत अभी बाकी हैं, तेरा नाम लिखे मेरे दिल के किनारों पर,
क्यों मिटाने से भी मिटता नही, जाने यह कितनी लहरें मुझसे सवाल करती हैं!!
जाने कबसे ना बदले उस मौसम का, आज अचानक से यूँ बदल जाना,
लाखों की भीड़ में, एक मोड़ पर तेरा यूँ मिल जाना,,

आज भी देख तूझे, मेरा दिल सारे नज़ारें भूल जाता हैं,
तेरता जैसे कोई कश्ती में, अपने किनारें भूल जाता हैं,,

आज भी मेरी धड़कने, एक दम से धडकना भूल जाती हैं,
जब हवायों में झूलती तेरी झुल्फें, मेरे चेहरे तक आती हैं,,

जाने कब से रुका हुआ था, जैसे आज फिर मेरा आगाज़ हुआ हैं,
जबसे बारीश में भीगने का, तेरे संग फिर यह एहसास हुआ हैं,,

झुखी-झुखी यह पल्खें तेरी, मुझसे आज भी इकरार करती हैं,
होता हूँ जब तन्हा तन्हा, तो क्यों तू अब भी मेरे साथ चलती हैं,,
शायद मोहब्बत अभी बाकी हैं, बेखुदी सी कही इस दास्ता में,
जिसे होश तक सुनाने की, ना कभी मैं शुरुयात करता हूँ, ना कभी तू शुरुयात करती हैं!!

4 Comments

  1. kshipra786 says:

    gajab. boahat achha laga padh ke.
    good job.

  2. Vishvnand says:

    Vishay par Sundar abhivyakti
    Bahut Manbhaavan
    Hardik badhaaii

    Soi huii mere dil ki dhadkan jaag uthii
    aaj phir terii pyaar kii bhari mujhpar najar padii…. 🙂

Leave a Reply