| « ***आंसुओं के साथ बहाना होगा ………..*** | बड़ा होने से पहले सीख लेना, ये बच्चा सारे करतब चाहता है। » |
//—— मिलता नही करार——//
| Hindi Poetry |
सोहबत का तेरी ये कैसा हुआ असर /
मिलता नही करार जो मिलती नही खबर //
तुम मिले तो खिले ,तुम ना हो तो बुझे ,
दिल में कही तुम तो नही ,कर गये बसर //
निकलती दिल से आह ,राह तेरी देखते ,
होता न इंतजार , जार जार है नजर //
प्यासा दिल तरसे ,मगर बरसे नही तुम ,
राहत नही मन को ,क्या चाहत में है कसर //



shohbat nahin janaab sohbat.
Thank’s……..singh sahb
vaah,
andaaze bayaan kar rahaa badhiyaa asar
badhaaii
Thank’s Vishvnandji
Good one..
Thank’s Raj ji