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//—— मिलता नही करार——//

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Hindi Poetry

सोहबत का तेरी ये कैसा हुआ असर /
मिलता नही करार जो मिलती नही खबर //

तुम मिले तो खिले ,तुम ना हो तो बुझे ,
दिल में कही तुम तो नही ,कर गये बसर //

निकलती दिल से आह ,राह तेरी देखते ,
होता न इंतजार , जार जार है नजर //

प्यासा दिल तरसे ,मगर बरसे नही तुम ,
राहत नही मन को ,क्या चाहत में है कसर //

6 Comments

  1. s.n singh says:

    shohbat nahin janaab sohbat.

  2. Narayan Singh Chouhan says:

    Thank’s……..singh sahb

  3. Vishvnand says:

    vaah,
    andaaze bayaan kar rahaa badhiyaa asar
    badhaaii

  4. Raj says:

    Good one..

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