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रुक मेरे दोस्त !!मै आ रहा हू फिर से …..:
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वो गाँव की प्यारी हवा का एहसास ,
थोडा इन्तजार फिर होगी मेरे पास ,
माँ की वो ममता और पापा की डांट,
भाई से लड़ाई वो बहना का साथ ,
भरी दुपहरी में आमों को तोडना ,
फटी पतंग को चावल से जोड़ना ,
लुका छिपी खेलना और टीप रेस ,
संजय, शरद, दिलीप और दिनेश ,
पता नहीं किसने है याद किया दिल से,
रुक मेरे दोस्त !!मै आ रहा हू फिर से ..
रुक मेरे दोस्त !!मै आ रहा हू फिर से …..:.


Sundar prayaas.
bahut khuub…man bhaayaa
Bahut chaahun main bhii aanaa phir se
par kahaan paaoonga aaj bhii vahii baat vahaan phir se
iseeliye vo sundar yaaden rakhataa huun dil hii me
aur darataa huun vahaan phir se aane dil se….
nostalgia personified.
sidhe dil se nikali hui.