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माँ…

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Hindi Poetry

परियों से भी खूबसूरत होती है माँ,
मोतियों से भी अनमोल होती है माँ…!

सबेरे जल्दी उठ जाती है माँ,
रात को आखिर में सोती है माँ…

परिवार के लिए कंधा होती है माँ,
बच्चों की मार्गदर्शिका होती है माँ…

जीवन की प्रेरणा होती है माँ,
सच्ची जनेता होती है माँ…

परियों से भी खूबसूरत होती है माँ,
मोतियों से भी अनमोल होती है माँ…!

कभी अपने बच्चों को डांटती है माँ,
तो कभी साथ उनके पढ़ाई भी करती है माँ…

कभी बच्चों की ज़िद के आगे,
हार कर दिल उनका जीतती है माँ…

कभी कभी बच्चों को मारती भी है माँ,
बाद अकेले अकेले रोती है माँ…

परियों से भी खूबसूरत होती है माँ,
मोतियों से भी अनमोल होती है माँ…

– CA. Amit Shah (Mas)
1st March, 2013

5 Comments

  1. Vishvnand says:

    वाह, बधाई
    अच्छी प्यारी सी रचना है, मन भायी

    जल्दी में जल्दी को जल्ली लिख गया है सुधार दीजिए … 🙂

    जब पास रहती “taken for granted ” होती है माँ
    जब माँ न हो पास तब ही जान पाते, क्या होती है माँ ….

  2. आप की इस प्यारी सी प्रतिक्रिया के लिए आप का तह दिल से सुक्रिया सर…!
    और हर बार कुछ न कुछ गलती हो ही जाती है, ध्यान रखने के बाद भी. आशा रखता हु अगली बार छोटी सी गलती भी न हो..! आप यूं ही हमें प्रेरणा देते रहे..!

  3. SN says:

    hindi me shabd galat likhen jayen to zaayqa kharab hota hai,aap ne pratikriya me sukriya likha hai jo shukriya hona chahiye tha,

  4. Aditya ! says:

    Behad maarmik khubsoorat rachana.. likhte rahiye..

  5. Ashok Kumar Jaiswal says:

    सत्य कहा अपने….बहुत ही मार्मिक और प्रेरक….!!

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