« »

उन्हें रात में सोना जरा कम आता है

2 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 52 votes, average: 4.00 out of 5
Loading ... Loading ...
Hindi Poetry

आदाब  और इर्शाद  किसे दिलअजीज  नहीं ,

  पर जो अक्सर मुशायरों में नहीं जाते,

उन्हें कलाम को लफ्जों में भिगोना जरा कम आता है ।।

किसी गफलत में नहीं, तेरी फीकी हंसी पे थाम लिया कंधा

लगा जैसे तू भी मेरे ही जैसा है ,

तुझे भी रोना जरा कम आता है ।।

न कुसूर तेरी आँखों का है न लम्बी रातों का

सुन, जो दिन का सुकून छीनते  है किसी का ,

उन्हें रात में सोना जरा कम आता है ।।

6 Comments

  1. SN says:

    bazaa farmaya, vaise mayoos aashiq baddua bhi dete hain ki

    tera kisi pe aaye dil, tera koi dukhaye dil
    seene pe arkhke haath tu mujhsa kahe ki haaye dil.
    tere bhi dil me dard ho, tera bhi chehra zard ho,
    chain ki de dua magar chain kahin napye dil.

  2. jaspal kaur says:

    bahut khoob

  3. parminder says:

    बहुत खूब!
    दिल में चैन कहाँ से आयेगा अगर चैन चुराएंगे
    नींद भी तो तभी आयेगी गर चैन पाएंगे

  4. anjaana says:

    Jab kisi ko kisise hadse jyada mohbbat ho tab hi sona kam aata. Aur jab Jisse mohbat ho wo uska imtihan le tab hi sona kam aata h. Jis din sacchi mohabat ho jaye us din acche accho ki neend udh jaati h.

Leave a Reply