« »

बेवजह वाह वाह दुबारा नहीं करें।

1 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 51 vote, average: 3.00 out of 5
Loading ... Loading ...
Uncategorized

अच्छा है ये गुनाह दुबारा नहीं करें।

फिर उससे रस्मो राह दुबारा नहीं करें।

 

सुन सुन के जिनकी ऐसे गिरां हाल हो गए,

उनसे ही फिर सलाह दुबारा नहीं करें।

 

दुनिया को देखने के नज़रिए हैं और भी,

यूँ दिल जिगर तबाह दुबारा नहीं करें।

 

खुद्दार हैं जहाँ न तवज्जो मिले हमें,

हम फिर उधर निगाह दुबारा नहीं करें।

 

ऐसा भी कोई दाद के क़ाबिल न था क़लाम,

बेवजह वाह वाह दुबारा नहीं करें।

 

कह तो दिया है अर्जे वफ़ा हमको नाकुबूल,

ये बात खामख्वाह दुबारा नहीं करें।

 

सूबे में और लोग भी काबिल हैं ताज़  के,

उनको ही सरबराह दुबारा नहीं करें। 

2 Comments

  1. sahil says:

    ऐसा भी कोई दाद के क़ाबिल न था क़लाम,
    बेवजह वाह वाह दुबारा नहीं करें।

    ” काबिल हैं कलाम जिनके सजदा उनको सौ बार करें।
    वो लिखते कलम से दिल की हैं वाह-वाह सौ बार करें।। “

  2. Vishvnand says:

    बढ़िया है, मन भायी

    करने को वाह वाह भी दिल चाहिए जनाब
    हम को न भाते लोग जो वाह वाह नहीं करें … :)

Leave a Reply