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***निगहबां ………***

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Hindi Poetry

निगहबां ………

 

कौन निगहबां फूलों का होगा 

गर खार  ही न होंगे चमन में 

महरूम चांदनी से ताज होगा 

गर चाँद ही न होगा गगन में 

 

सुशील सरना/25.01.2013

 

 
 
 

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