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भजनों में तेरे मैं हूँ खोया….! ( भक्तिगीत )

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Hindi Poetry, Podcast

भजनों में तेरे मैं हूँ खोया….! ( भक्तिगीत )

भजनों में तेरे मैं हूँ खोया, भजनों में तेरे खोया रे,
मांगूं भी क्या मैं तुझसे प्रभु जी, तेरी ही सब दुनिया रे ……!

कितनी ये सुंदर सृष्टि रची तूने, कितना बड़ा वरदान है ये.
मानवगण में जन्म दिया है, कितना बड़ा सन्मान है ये,
तेरे ही गुण गाने प्रभु मैं , तुझसे ही गुण मांगू रे ,
भजनों में तेरे ख़ुद को खोया, भजनों में तेरे खोया रे……!

सुमधुर सुरसंगीत सुनें जब, मनवा सुख से नाचे रे,
संवेदन का दान ये अद्भुत, तुझसे ही तो पाया रे ,
तू ही सबका पालनहारा, तूने दिया वो क्या कम रे …
भजनों में तेरे ख़ुद को खोया, भजनों में तेरे खोया रे…….!

अंतर्मन तेरी मूर्ती बसी हो, साँसों में जप नाम चले.
ऐसे भगत का जीवन जैसे, स्वर्ग यहीं पर पाया रे,
सबकुछ तेरे पास है, पर तू चुन चुन सबको देता रे,
इसमे भला है, जिसने ये जाना, जीवन सुखमय उसका रे …!

भजनों में तेरे ख़ुद को खोया, भजनों में तेरे खोया रे,
मांगूं नहीं कुछ तुझसे प्रभु मैं, तूने दिया है सबकुछ रे …… !

” विश्व नन्द ”

One Comment

  1. Sushil Joshi says:

    बहुत ही खूबसूरत भक्तिगीत है विश्वनंद जी….

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