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बेवफा मैंने आज तुझको भुला दिया

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Hindi Poetry

बेवफा मैंने आज तुझको भुला दिया 

 
बेवफा मैंने आज तुझको भुला दिया
मेरे दिल मे तेरे अक्स के साथ
तेरे खतो को भी जला  दिया
जो भी बाते दिल मे थी
उनको एक गलती समझ कर भुला दिया
जिस प्यार का मातम तू मना चुकी
उस जिन्दा  लाश को मैंने भी दफना दिया
बस ये समझ कि तुझको सॊचकर मैंने
जिंदगी का कीमती वक्त गवा दिया
पर आज तुझको भूलता हू तो
लगता है किसी ने जलता हुआ  अंगार
मेरे सीने से छुआ दिया
आज उस नाकाबिल खुदा को भी
 मैंने इक बार मे जुठला दिया
जिसकी दुआओ मे असर ना हो
उस पत्थर को मैंने दफना दिया
बेवफा मैंने आज तुझको भुला दिया

3 Comments

  1. amit478874 says:

    The content is really good… ! I think Sirjee (विश्वनंद्जी) will give his comment for refinement..! 🙂

  2. Vishvnand says:

    रचना सुन्दर अच्छी लगी
    पर लगी रचना में मर्रम्मत की गुंजाइश भी काफी
    जिससे वह और निखरे
    Stars 3

    मेरी लिखी ये पंक्तियाँ याद आ गयीं ….
    दिल ढूँढ़ता रहता क्यूँ वफ़ा इस जहान में
    जो खुद ही बेवफाई के बिना है खुश नहीं … 🙂

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