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तुम्हारा वो ” फ्रैंड ” !

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Hindi Poetry

बड़ा अजीब है वो !
जब देखो कमेन्ट करता है,
बिन मांगे सलाह देने लगता है,
अपने आगे किसी की सुनता ही नहीं,
कई बार समझा दिया उसे,
पर मानता ही नहीं,
अरे तुम  तो समझा सकते हो ना,
अपने उस ” फ्रैंड ” को.

क्या बात है !
दिखते भी नहीं  हो आजकल,
कहीं बाहर गए थे क्या?
अरे हाँ !
एक बात तो बताओ,
कहाँ चला गया आजकल,
तुम्हारा वो ” फ्रैंड ” !
वो भी नहीं दिखायी देता .

 ***** हरीश चन्द्र लोहुमी

4 Comments

  1. siddha nath singh says:

    हमसे ही था खफा भी वो हमको ही ढूढता भी वो.
    कल हम जो न आये बज़्म में सबसे था पूछता भी वो.

  2. Harish Chandra Lohumi says:

    धन्यवाद सिंह साहब .

  3. Rajdeep says:

    nice reading
    thanks

  4. Harish Chandra Lohumi says:

    हार्दिक आभार और धन्यवाद राजदीप जी .

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