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सब खींच तान कर लो, कुछ भी नहीं है होना.

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सब खींच तान कर लो, कुछ भी नहीं है होना.
जो कुछ रचा है उसने होना, वही है होना.
 
आईनों से हमेशा उनको रहेगी नफरत ,
हों लाख वो गलत पर उनको सही है होना.
 
माना न कोई शुबहा इसमें, शरीफ हो तुम,
बंटती है लूट तुमको फिर क्यों वहीँ है होना.
 
उनने निजाम सारा कर डाला आटोमेटिक,
कुछ भी न वो करेंगे,सब आप ही है होना.
 
इल्जाम तुम लगा कर जब भी जिरह करोगे,
उस दम जमा  जुबां पर उनके दही है होना.
 
कुछ हैं शगुन  न अच्छे फिलहाल कुछ दिनों से,
क्या मुल्क में खुदारा कुछ अनकही है होना.    

4 Comments

  1. chandan says:

    इल्जाम तुम लगा कर जब भी जिरह करोगे,
    उस दम जमा जुबां पर उनके दही है होना.
    बजा फ़रमाया गुरुवर

  2. siddha nath singh says:

    shukriya mahkati hui prashansa ke liye chandan ji.

  3. rajendra sharma "vivek" says:

    Tajaa tarin praasangik rachanaa
    ” Kyaa kare aadami ,aadami khilounaa mahangaai aesi badi
    jaise chaandi sonaa”

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