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मतलबी रिश्तें

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Hindi Poetry

आज के रिश्तों में वो बात कहाँ ,
वो सोंधी सी खुसबू और मिठास कहाँ |

सब रिश्तें है मतलब के आज ,
आज रिश्तों में वो प्यारे जज्बात कहाँ | ….. धीरज

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    ऐसा क्यूँ हुआ
    और अपनापन खो गया कहाँ
    ढूंढो तो समझोगे
    दुर्गुणों ने इंसान का डस लिया जहाँ

  2. Dr. Paliwal says:

    सही है….

  3. parminder says:

    इतना नकारात्मक नहीं होना चाहिए, प्यार देंगे जहां , कभी न कभी प्यार ही महकेगा वहां !

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