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आज भी

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Hindi Poetry

आज भी उनकी एक अदा  पे कत्लेआम हो जाता है |

वो मुस्कुरा दे तो सूरज भी चाँद हो जाता है |

 

उन्हें नहीं पता कि वो कितना ख़ास है ,

आज भी वो किसी के दिल के पास है |

 

आज भी , आँखे मेरी होती है ,

पर सपना उनका होता है |

 

जबान मेरी होती है  ,

पर शब्द उनके होते है |

 

3 Comments

  1. Vishvnand says:

    बहुत खूब
    रचना मेरी होती है
    बात उनकी होती है

  2. Dr. Paliwal says:

    sundar …..

  3. parminder says:

    वाह-वाह, बहुत प्यार भरी रचना है!

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