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ज़िन्दगी से ले कर मौत तक…

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Hindi Poetry

ज़िन्दगी से ले कर मौत तक का इंसान का सफ़र
एक पल की तरह होता है…!
वो पल कब आ कर चला जाए, कोई नहीं कह सकता…!

ज़िन्दगी मिलने पर हमें जो नाम मिलता है,
वो कब गुमनाम हो जाए, कोई नहीं कह सकता…!

ज़िन्दगी हमें “मौका” देती है, तो मौत हमें “धोखा” देती है…
अब आप अपनी इन्दगी को क्या देना चाहते है,
वो आप खुद ही चुन लीजिये… क्योंकि,
मौका तो आप को दे दिया ज़िन्दगी ने
अब वह धोखा कब दे जाये, कोई नहीं कह सकता…!

– Amit T. Shah 🙂
15th September 2012

4 Comments

  1. siddha nath singh says:

    kabeer ka pabhav dalti kavita

  2. Vishvnand says:

    वाह सुन्दर सी उत्स्फूर्त सी उभरी यह अर्थपूर्ण सुन्दर रचना
    बहुत मन भायी है
    हार्दिक बधाई

    ये बात जान कर भी हम अक्सर जी जी कर नहीं मर मर कर जिन्दगी बिताते हैं यही बहुत दुःख की बात है …

    (अपनी इन्दगी शायद अपनी जिन्दगी को संबोधन है )

    • amit478874 says:

      @Vishvnand, आप का खूब खूब धन्यवाद सरजी…! आप यूँ ही हमें जोम और जुस्सा देते रहे यही प्रार्थना.. आप की कमेंट्स मेरे लिए अनमोल है …!

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