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दोस्त और दोस्ती

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Hindi Poetry

दोस्त और दोस्ती की तो बात ही निराली है ,
मरते दम तक इसे हमें निभानी है |


चाहे रहे कही भी हम ,
इन प्यारे दोस्तों को न भूल पाएंगे ,
अकेले में भी याद कर के ये दोस्ती के सुहाने पल ,
हम मंद – मंद मुस्काएंगे |

सुख में तो दुशमन भी साथ होते है ,
बुरे वक़्त में जो काम आते है ,
वो ही सच्चा दोस्त कहलाते है |

 

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