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आधुनिक चुनाव

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Hindi Poetry

आधुनिक चुनाव

जब जब चुनाव हुई,                                                               

तब तब बम बरसात हुई।

 

 नेता कहते इस वर्ष करेंगे विकास,

किन्तु ये देते सिर्फ जनता को आस।

चुनाव से पहले करते है नोटों की बरसात,

पार्टी देते- कभी चिकेन तो कभी पुलाव।

 

चुनाव जब जब आती,

गोलिओ की बरसात कराती।

चारो तरफ हहकार मचाती।

 

चुनाव के दिन पुलिस के हथकण्डे,

वोट छापने से रोक नहीं पाते है गुण्डे।

इस दिन नेता करते खूब मौज,

खूब लुटती बूथ उनकी फौज।


2 Comments

  1. Vishvnand says:

    लिखने और बात कहने का अच्छा प्रयास है
    Content में भी काफी कुछ ख़ास है
    पर व्याकरण सुधारना जरूरी है
    चुनाव होती नही हरदम होता है …
    ऐसा मुझे लगता है
    रचना गल्तिओं के साथ भी अच्छी लगी है…

    • Dhiraj Kumar says:

      @Vishvnand, मै सिर्फ दसवी कक्षा तक ही हिंदी में पढ़ा और उसके बाद हिंदी कभी देखा ही नहीं , मै सुधारने की पूरी कोशिस करूँगा .. thanks for comment & compliment.. आप आगे भी ऐसे ही बताते रहे ..

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