« »

हम मिलेंगे

1 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 51 vote, average: 4.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

अच्छे और बुरे से परे
कोई जगह होगी जहाँ
हम वहाँ मिलेंगे.
ठहरेंगे थोड़ी देर
झुककर पियेंगे बादलों से
फिर अपने रास्ते चलेंगे.

जहाँ कलियों के साथ
कांटे नहीं खिलते
जहाँ पैमाने बदलने से
मापदंड नहीं हिलते.
जहाँ मैं, मैं नहीं रहता
जहाँ तुम भी नहीं बचते

जहाँ आशाओं से अलग
अपेक्षाओं से परे
अहम् से कोसों दूर
कुछ बिखरे शब्द खिलेंगे –

हम वहाँ मिलेंगे.
ठहरेंगे थोड़ी देर
फिर अपने रास्ते चलेंगे.

2 Comments

  1. Vishvnand says:

    वाह वाह, क्या बात है
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति , मन भायी
    खूबसूरत ख्यालों में गुम हो जाने प्रवृत करती
    सुन्दर रचना के लिए धन्यवाद और बधाई भी

  2. shravan solanki says:

    bahut sundar abhivyakti bhadhai

Leave a Reply