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आज के नेता

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Hindi Poetry

देखते भी नही थे कल तक हमारी तरफ…
जो इतने गौरव शालीन बन गये…..,

वही आज चुनाव से पहले…..
बिछ हमारे आगे कालीन बन गये….!!

9 Comments

  1. Vishvnand says:

    बिछ हमारे आगे कालीन बन गये….!! का मतलब क्या ?

    बीच हमारे दीन होकर हमें फिर बनाने लग गए

    • nish1603 says:

      @Vishvnand, जी हाँ विश्व जी आपकी line ही उस line का अर्थ हैं…

      यह दर्शा रही हैं की कैसे नेता चुनाव से एक दो दिन पहले प्यार और आदर सत्कार देते हैं….जैसे बिछ कर कालीन बन गये हो….!!

  2. dr.o.p.billore says:

    यह तो थी बहुमुखी प्रतिभाखाली{शाली} नेताओं की एक अदा | उत्तम |
    बड़ों के परामर्श अनुकरणीय होते हैं |

  3. s.n.singh says:

    gaurav shaaleen to koi shabd nahin hota gauravshaali hota hai.

  4. U.M.Sahai says:

    अच्छा व्यंग्य.

  5. s c kakar says:

    है देश का आम आदमी,
    सबका उस पर हक़ है,
    क्या नेता क्या व्यापारी,
    उसकी लाचारी का सबब है.

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