« »

देश की युवा शक्ति से एक आहवान ………..

0 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 50 votes, average: 0.00 out of 5
Loading...
Hindi Poetry

मैं ये नहीं कहता की अपनी शमशीर की धार तेज़ कर लो
मगर अपनी रगों में सिमटते लहू की रफ़्तार तेज़ कर लो

सीमा पर है पहरा शख्त, घर के दुश्मन को घर में ही कैद कर लो……………….
इससे पहले की जल जाये धरती इस तपिश में, आसमाँ में हल्का सा छेद कर लो

मौसम कई और आयेंगे प्रेम वशीभूत प्रणय गीत गाने के
आँखों के मुस्कुराने के, होठों के गुनगुनाने के………….

प्रेयसी की प्रीत से बाहर आकर, थोडा वतन से भी प्यार कर लो………………
मिला है जो मौका सदियों बाद, अपने ही अधिकारों पर फिर अधिकार कर लो !!!!!!!!!!!!

दिनेश गुप्ता ‘दिन’

One Comment

  1. s n singh says:

    clarion call but what for!

Leave a Reply