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Gulal

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Hindi Poetry

होली पर उड़ेगा गुलाल गोरिया को रंग देंगे /
मचलेगा ये मन मोर ,थोड़ी सी जो भंग पीएगें /

कोई नही रोके आज, कोई नही टोकें /
आयेगे ना ऐसे,रंगने के बार बार मौके / /
जो भी करे ना नुकुर ,उसे तंग कर देंगे /
होली पर उड़ेगा गुलाल गोरिया को रंग देंगे /

कैसे बचोगे अब ,रंगीलो की आई है टोली /
मस्ती भरी मन में ,खेलेगे हम तो होली //
चोरी से तुमको पकड़ ,दंग कर देंगे /
होली पर उड़ेगा गुलाल गोरिया को रंग देंगे /

रंगेंगे सारा बदन ,अंग कोई रहे ना बाकी /
चढ़ेगा अब तो सुरूर ,पीलाये जा तू साकी / /
छोड़ेंगे ना अब हम ,तुमको संग कर लेंगे //
होली पर उड़ेगा गुलाल गोरिया को रंग देंगे /

6 Comments

  1. Vishvnand says:

    मस्ती के रंग भरी सुन्दर ये रचना है
    ऐसी ही होली रहे आपकी, ये कामना है
    बढ़िया

  2. Vishvnand says:

    होली पर कविता लिखी वो सब की हो ली
    होली आ चली गयी कोई मेरी न हो ली

  3. Narayan Singh Chouhan says:

    धन्यवाद विश्व्नान्दजी ..

    क्यों कहते हो की आपकी कोई नही हो ली /
    साहित्य की दुनिया ,प्यार पा कर आपकी हो ली //

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